गोरखपुर, नवम्बर 13 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। जिले में नशीली दवाओं के कारोबारी ड्रग विभाग पर भारी पड़ रहे हैं। उनका नेटवर्क मामले को मैनेज करने के करीब पहुंच गया है। उनके मददगार आका लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बैठे हैं। आकाओं की सरपरस्ती के कारण दवा व्यापारियों ने नोटिस के बावजूद ड्रग विभाग को कोई जवाब या खरीद-फरोख्त का ब्योरा नहीं भेजा। इतना ही नहीं जो नमूने यहां से जांच के लिए भेजे गए। उसकी जांच रिपोर्ट बीते 30 दिनों में नहीं मिली। शहर की सबसे बड़ी थोक दवा मंडी भालोटिया मार्केट में नशीली दवाओं का कारोबार पांव पसार चुका है। इस कारोबार पर लगाम लगाने में ड्रग विभाग लाचार साबित हो रहा है। पिछले दो साल में ड्रग विभाग को थोक दवा मंडी में एक भी नशीली दवा का कारोबारी नहीं मिला। जबकि इस दरम्यान नार्कोटिक्स विभाग, दिल्ली पुलिस ने चार व्यापारियों को...
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