अररिया, फरवरी 24 -- फारबिसगंज, एक संवाददाता। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद जहां एक ओर समाज को नशामुक्त बनाने की कोशिशें तेज हुई हैं, वहीं दूसरी ओर अब सूखा नशा ने गांव-गांव में अपनी जड़ें जमानी शुरू कर दी हैं। स्मैक, गांजा जैसे घातक नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है, जिसकी चपेट में अब छोटे बच्चे, युवा ही नहीं बल्कि वृद्ध भी आ रहे हैं। इसी बढ़ते खतरे को देखते हुए मंगलवार को फारबिसगंज प्रखंड के भागकोहालिया पंचायत में एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों के अलावे पंचायत के जनप्रतिनिधिगण मौजूद थे। बैठक के दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि पंचायत स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। साथ ही स्थानीय प्रशासन के सहयोग से ऐसे असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी, जो इस अवैध नशे के कारो...
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