रांची, अप्रैल 2 -- रातू, प्रतिनिधि। झालसा के निर्देश पर गुरुवार को तारूप में विधिक जागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। एलएडीसी चीफ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि नशा करने वाला व्यक्ति अपराधी नहीं, बल्कि एक पीड़ित होता है, जिसे सही मार्गदर्शन और उपचार की जरूरत होती है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य में सुधार लाना राज्य का कर्तव्य है और चिकित्सीय प्रयोजनों को छोड़कर हानिकारक नशीले पदार्थों के उपयोग पर रोक जरूरी है। उन्होंने नशे के दुष्प्रभाव, लोक स्वास्थ्य और राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसके असर को विस्तार से बताया तथा बच्चों को नशे से दूर रखने के उपाय सुझाए। इस दौरान डालसा टीम ने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी दी। बताया गया कि 9 मई को आयोजित लोक अदालत में आपराधिक सुलहनीय, दीवानी, श्रम, वैवाहिक, पारिवारिक, चेक बाउंस, बिजली, ट्रैफिक...