रामपुर, मार्च 22 -- चैत्र नवरात्र के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप चतुर्थकम कुष्मांडा की पूजा अर्चना के दौरान मंदिरों में भीड़ रहीं। नगर सहित क्षेत्र में रविवार को नवरात्रे के चौथे दिन देवी कुष्मांडा के रूप को पूजा गया। बताते है कि यह अपनी मंद हल्की हंसी के द्वारा अंड यानी बृह्मांड को उत्पन्न करने के कारण इस देवी को कुष्मांडा के नाम से जाना जाता है। जब सृष्टि नहीं थी और चारों और अंधकार था तब कुष्मांडा ने बृह्मांड की रचना की थी। नगर सहित क्षेत्र में शुक्रवार को चौथे दिन दुर्गा के चौथे स्वरूप कुष्मांडा की पूजा अर्चना की गई। पूजा के दौरान श्रद्धालुओ की मंदिरों में भीड़ लगी रहीं । माता कुष्मांडा की पूजा अर्चना करने से भक्त को कम समय में ही कृपा का सूक्ष्म भाव अनुभव उत्पन्न होने लगता है। इनकी उपासना में भक्तों को सदैव तत्पर रहना चाहिए। नगर ...