उरई, मार्च 25 -- जालौन। चैत्र नवरात्र के सातवें दिन दुर्गा मां के सातवें स्वरूप कालरात्रि की पूजा अर्चना की गई। मंदिर में भक्तों बड़ी संख्या में पहुंचकर आराधना की और काली माता पर गुड़हल के पुष्प चढ़ाकर शुभ फल मांगा। इस समय चैत्र नवरात्र का पर्व चल रहा है। नवरात्र की सप्तमी तिथि को नगर व ग्रामीण क्षेत्र में स्थित देवी मंदिरों पर ब्रह्ममुहूर्त से ही महाशक्ति मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा अर्चना की गई। पंडित देवेंद्र दीक्षित ने बताया कि मां कालरात्रि काल का नाश करने वाली हैं, इसी वजह से इन्हें कालरात्रि कहा जाता है। मां दुर्गा के कालरात्रि रूप का अवतार असुरों के राजा रक्तबीज का वध करने के लिए हुआ था। इनकी पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। मां कालरात्रि का स्वरूप अत्यंत भयानक है, मगर वह सदैव अपने भक्तों को शुभ फल प...