आजमगढ़, मई 10 -- आजमगढ़, संवाददाता। मंडलीय अस्पताल में सभागार में रविवार को एनआरपी (न्यूबर्न रजिस्ट्रेशन प्रोग्राम) डे पर गोष्ठी हुई और प्रशिक्षण दिया गया। नवजात शिशुओं के जन्म के पहले मिनट में देख-रेख की जानकारी दी गई। प्रभारी सीएमओ डॉ. उमाशरण पांडेय ने कहा कि नवजात शिशु के जन्म का पहला मिनट गोल्डेन मिनट होता है। इस एक मिनट में शिशु को सही तरीके से पुनर्जीवन मिलता है। यदि सही समय पर सहायता उपलब्ध करा दी जाए तो गंभीर स्थिति वाले लगभग 10 प्रतिशत नवजात शिशुओं का जीवन बचाया जा सकता है। यह भी पढ़ें- गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के जरिए नवजात शिशु के जीवन रक्षा पर फोकसप्रशिक्षण का उद्देश्य उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रति 1000 बच्चों में मृत्यु दर 26 की है। केंद्र और राज्य सरकार, एनएनएफ के संयुक्त प्रयासों से कम कर 10 पर लाने का लक्ष्य निधारित किया...