मुजफ्फरपुर, अगस्त 4 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। काशी प्रसाद जायसवाल पर राष्ट्रवादी इतिहासकार का आरोप लगता रहा है, लेकिन यह समझना होगा कि उनका समय अंग्रेजों की हुकूमत के अधीन था। उन्होंने भारत के प्रति अंग्रेजों की सोच को बदलने के लिए ऐसा महत्वपूर्ण ऐतिहासिक लेखन किया, जिससे भारत की छवि को वैश्विक स्तर पर बदला जा सके। इतिहास को पढ़ने और लिखने का उन्होंने नजरिया बदल दिया। ये बातें मंगलवार को साहित्यिक मंच की ओर से काशी प्रसाद जायसवाल के बहुआयामी व्यक्तित्व विषय पर आयोजित संगोष्ठी में प्रो. विजय कुमार जायसवाल ने कहीं।

काशी प्रसाद जायसवाल का महत्व रामदयालु नगर स्थित अभिधा प्रकाशन सभागार में आयोजित इस संगोष्ठी में हरिनारायण ठाकुर ने कहा कि काशी प्रसाद जायसवाल शुद्ध रूप से नवजागरण की उपज थे। इन्हें अंधकार युग की प्रकाश में लाने वाला इतिहा...