बिहारशरीफ, मार्च 11 -- गुरु होंगे राजा और मंगल मंत्री पावापुरी, निज संवाददाता। हिंदू पंचांग के अनुसार नए विक्रम संवत 2083 की शुरुआत 19 मार्च गुरुवार से होगी। इस दिन चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के साथ ही नव संवत्सर का शुभारंभ माना जाता है। इस वर्ष का नाम 'रौद्र नाम संवत्सर' रखा गया है। पंडित सुनील शास्त्री ने बताया कि हिंदू ज्योतिष शास्त्र में प्रत्येक वर्ष का एक अलग नाम होता है और उसी के अनुसार वर्ष का संकल्प लिया जाता है। वर्ष के पहले दिन जिस वार से नव संवत्सर शुरू होता है, उसी वार के ग्रह को उस वर्ष का राजा माना जाता है। इस बार नव संवत्सर गुरुवार से प्रारंभ हो रहा है, इसलिए ग्रहों के गुरु वृहस्पति को वर्ष का राजा माना जाएगा। वहीं ग्रह मंगल को मंत्री का पद प्राप्त होगा। आचार्य पप्पू पांडेय ने बताया कि जब वर्ष का राजा गुरु होता है तो धर्म, शिक्ष...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.