मधुबनी, मार्च 28 -- मधुबनी। नौ दिनों तक भगवती दुर्गा के नौ स्वरूप के पूजा उपरांत विजया दशमी को श्रद्धालु भक्तों ने दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन किया। नम आंखों से माता का विदाई किया गया। विसर्जन यात्रा के दौरान लोग अपने घर और छत के ऊपर से फूल माता दुर्गा की प्रतिमा के ऊपर वर्षा किया। साथ ही अगले वर्ष पुन: आने के लिए प्रार्थना किया। इससे पूर्व भक्तों ने अपराजिता पूजा और जयंती धारण किया। शहर के चकदह, गंगासागर एवं सूड़ी स्कूल परिसर स्थित चैती दुर्गा पूजा का भसान किया गया। स्टेशन चौक स्थित हनुमान प्रेम मंदिर के पुजारी पंडित पंकज झा शास्त्री ने कहा कि चैत्र नवरात्र अपराजिता पूजा का महत्व विजयादशमी पर सर्वोच्च है, जो अजेय शक्ति, साहस, और नकारात्मक ऊर्जा से रक्षा का प्रतीक है। इस दिन, विशेषकर दोपहर में, मां दुर्गा के अपराजिता रूप की पूजा की गई। जो जी...