अमरोहा, फरवरी 6 -- अमरोहा, संवाददाता। आलिमेदीन मुफ्ती तैय्यब अहमद कादरी नईमी ने फरमाया कि इबादतों में सबसे अजीम इबादत नमाज है। लिहाजा, गुमराही से बचते हुए मुसलमान पंचवक्ता नमाज को अपनी रोजाना की जिंदगी का हिस्सा बनाएं। दुनिया और आखिरत की जिंदगी को कामयाब बनाने का सिर्फ ये ही एक जरिया है। शब-ए-बरआत की रात मुफ्ती तैय्यब कादरी नईमी ने ये सीख शहर में ईदगाह रोड पर आयोजित हुए जलसे को खिताब करते हुए लोगों को दी। दाऊद सराय रोड स्थित मदरसा जामिया नूरिया अशरफुल उलूम के संयोजन में हुए जलसा-ए-दस्तारबंदी की शुरुआत कलाम-ए-इलाही से कारी जमशेद ने की जबकि बारगाहे रिसालत में नात के नजराने कारी मोहम्मद फुरकान रजा मुरादाबादी व मौलाना सुब्हान रजा संभली ने पेश किए। मदरसे से फारिग पांच तालिबेइल्मों की दस्तारबंदी की गई। तकरीर में मुफ्ती तैय्यब कादरी नईमी ने आगे ...