नवादा, फरवरी 26 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। पवित्र माह-ए-रमजान की आमद के साथ ही नवादा जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में रूहानी रौनक बढ़ गई है। मस्जिदों और घरों में इबादत, कुरआन की तिलावत और दुआओं का सिलसिला अनवरत जारी है। मुस्लिम समुदाय के लोग पूरे उत्साह और अकीदत के साथ रोजा रखकर खुदा की बारगाह में सिर झुकाए हुए हैं। नवादा की जामा मस्जिद सहित जिले की विभिन्न मस्जिदों में सुबह सहरी से लेकर शाम के इफ्तार तक रोजेदार सब्र और संयम के साथ रहमत और मगफिरत की दुआएं मांग रहे हैं। नवादा के प्रसिद्ध दीनी विद्वान मौलाना जहांगीर आलम महजुरूल कादरी ने रमजान की अहमियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि नमाज, रोजा, जकात और हज इस्लाम धर्म की मजबूत बुनियाद हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि रोजा केवल सुबह से शाम तक खुद को भूख और प्यास में रखने का नाम नहीं है, बल्कि ...