नमक और तपती गर्मी में पल रहे सूक्ष्म जीवों में छिपा भविष्य का विज्ञान
बागपत, जून 27 -- बागपत के ट्यौढ़ी गांव निवासी वैज्ञानिक डॉ. रामकरण और उनकी शोध टीम ने सूक्ष्म जीव विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उनकी टीम का शोध यूनाइटेड किंगडम की प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका बीएमसी माइक्रोबायोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। इस उपलब्धि से न केवल बागपत बल्कि पूरे देश का नाम वैज्ञानिक जगत में गौरवान्वित हुआ है। शोध के दौरान वैज्ञानिकों ने भारत के उन क्षेत्रों का अध्ययन किया, जहां मिट्टी और पानी में अत्यधिक लवणता (नमक) है तथा तापमान भी सामान्य से काफी अधिक रहता है। ऐसी विषम परिस्थितियों में अधिकांश जीवित प्राणी जीवित नहीं रह पाते, लेकिन शोध टीम को यहां ऐसे सूक्ष्म जीव (माइक्रोऑर्गेनिज्म) मिले, जो अत्यधिक गर्मी और अधिक नमक वाले वातावरण में भी सहज रूप से जीवनयापन कर रहे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि...
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