चतरा, मार्च 8 -- 0 सिमरिया निज प्रतिनिधिसिमरिया में नशा के गिरफत में मजदूरों के बाद अब युवा पिढ़ी तेजी से आते जा रहे है। आज हर समाज के बच्चे नशा के चंगुल में जकड़ चुके हैं। शाम होने के बाद इनकी मंडली खेत खलिहान, मैदान और श्मसान घाट में जमता है। यहां के साप्ताहिक बाजार में शराब का अलग से बाजार ही लगता है। जहां शराब के साथ मांस की काफी मांग रहती है। इस बाजार में हड़िया-मड़िया के साथ देशी शराब भी बेचे जाते हैं। मजदूर तो अपने कमाई के आधे से अधिक रकम शराब में ही दफन कर देते हैं। जबकि युवा पिढ़ी शराब के साथ अफीम, चरस, ब्राउनसुगर कफ सीरप, गांजा के सिकजे में जकड़ते जा रहे हैं। नशा के लिए अब लोग घर के अलावे बाहर भी छोटी बड़ी चोरी की घटना को अंजाम दे रहे हैँ। सिमरिया चौक से सटे कुटी गांव में शराब सेवन करने के कारण जवानी में ही लोग मौत के गाल में समा जा रह...
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