कानपुर, अगस्त 19 -- कानपुर। जमीअत उलमा 'रहमत ए आलम माह' में बुधवार को दारुल उलूम जकरिया, जूही नहरिया में जलसा आयोजित किया गया। अध्यक्षता मुफ्ती इकबाल अहमद कासिमी ने की। उन्होंने कहा कि नबी की सीरत (आदर्श जीवन) को सिर्फ साल में किसी एक दिन मनाने तक सीमित नहीं रखना चाहिए बल्कि उसे अपनी जिंदगी में अपनाना ही असल कामयाबी है। हमारी 24 घंटे की जिंदगी, उठना-बैठना, सोना-जागना, खाना-पीना और खुशी या गम, यानी हमारा हर काम आपके (पैगंबर के) बताए हुए तरीके (सुन्नत) के अनुसार होना चाहिए। संचालन मौलाना मोहम्मद सुहैल कासिमी ने किया। उलमा ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विशेष दुआएं कीं। यहां मौलाना अमीनुल हक अब्दुल्लाह कासिमी, मौलाना अंसार अहमद जामेई और मौलाना अमीर हमजा कासिमी मौजूद रहे।

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