मेरठ, मई 28 -- ईद-उल-अजहा की नमाज से पहले ईदगाह लिसाड़ी में कारी मुहम्मद अफ्फान कासमी, काजी ईदगाह लिसाड़ी ने खिताब करते हुए कहा कि इस्लाम एक अमनपसंद मजहब है। कहा कि सिर्फ सलाम के अंदर इतना बड़ा इंसानी पैगाम छिपा हुआ है, जो दुनिया को अमन और मोहब्बत की तरफ बुलाता है। आज हिंदुस्तान में मुसलमान लोगों को अपना हमदर्द बनाना चाहते हैं तो उन्हें भी सब्र, बर्दाश्त और अच्छे व्यवहार का रास्ता अपनाना होगा। झूठ से बचना, अमानतदारी करना, यतीमों के माल की हिफाज़त करना, इंसानों की मदद करना, प्यासों के लिए पानी का इंतजाम करना और चाहे कोई मुसलमान हो या गैर मुस्लिम, हर इंसान के दर्द को महसूस करना, यही इस्लाम और नबी-ए-करीम की असली तालीम है। यह भी पढ़ें- अल्लाह की बारगाह में उठे हजारों हाथ, मांगी अमन चैन की दुआएं उन्होंने कहा कि आज इस्लाम, कुरआन और नबी-ए-करीम क...