नई दिल्ली, जनवरी 21 -- देश में कुछ नेता और संगठन ऐसे हैं, जो अक्सर नफरती बोल के सहारे अपनी सियासत को अंजाम देते रहते हैं। इसी कड़ी में तमिलनाडु के उप-मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन भी शामिल हैं, जिन्होंने सनातन पर प्रतिकूल टिप्पणी की थी। मद्रास उच्च न्यायालय ने उदयनिधि की उस टिप्पणी को 'हेट स्पीच' या नफरती बोल माना है। नफरती बोल का यह मामला साल 2023 का है और इसका ऐसा संज्ञान पहले ही लिया जाना चाहिए था। विशेष रूप से राजनीति और सोशल मीडिया पर जब उदयनिधि के नफरती बोल की निंदा हुई, तब तमिलनाडु में भाजपा नेता अमित मालवीय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई थी। मद्रास उच्च न्यायालय ने उसे अब रद्द कर दिया है। लगे हाथ, उच्च न्यायालय ने यह भी कहा है कि किसी नफरती भाषण पर प्रतिक्रिया देने वाले को दंडित करना अनुचित है, जबकि भाषण देने वाले के खिलाफ कोई कार...