लखनऊ, जून 24 -- विश्व एलर्जी सप्ताह -तीन माह के इलाज से फेफड़ों की क्षमता में सुधार -केजीएमयू व लोहिया संस्थान के शोध में सामने आए तथ्य -इलाज में बदलाव से 31 प्रतिशत अधिक काबू में आया अस्थमा लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। बार-बार खांसी, घरघराहट और सांस फूलने की समस्या से जूझ रहे नन्हें-मुन्ने बच्चों के लिए राहत की उम्मीद जगी है। केजीएमयू और लोहिया संस्थान के डॉक्टरों के अध्ययन में सामने आया है कि इनहेल्ड स्टेरॉयड बुडेसोनाइड के नियमित इस्तेमाल से तीन महीने में बच्चों के अस्थमा पर बेहतर नियंत्रण पाया जा सकता है। इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ने के साथ बच्चों की जीवन गुणवत्ता में भी सुधार हुआ। शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय मेडिकल जर्नल क्योरियस में मई 2026 में प्रकाशित हुआ है।

शोध में शामिल बच्चे अस्थमा पीड़ित 50 बच्चों को शोध में शामिल किया गया। इनकी उ...