नई दिल्ली, अगस्त 30 -- Nepal Flood: नेपाल की त्रिशूली घाटी में ग्लेशियर टूटने से आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस आपदा में नेपाल और तिब्बत को मिलाकर अब तक 750 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 3000 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। इस भीषण त्रासदी के बीच नुवाकोट स्थित त्रिभुवन त्रिशूली सेकेंडरी स्कूल के 47 साल के एक शिक्षक राजेंद्र दवाडी की बुद्धि और साहस की कहानी सामने आई है। इहोंने समय रहते सही फैसला लेकर 1643 बच्चों की जान बचा ली। बुधवार की सुबह 9:20 बजे अंग्रेजी के शिक्षक और स्कूल के प्रिंसिपल राजेंद्र दवाडी को उनके एक मित्र का फोन आया। दोस्त ने बदहवास आवाज में चेतावनी देते हुए कहा- "गांव खत्म हो चुका है, नदी सब कुछ बहाकर ले जा रही है। तुरंत यहां से भागो!" उस समय तीन मंजिला स्कूल परिसर और उसके आसपास 1643 बच्चे मौजूद थे। पहले तो दवाडी को ...