नवादा, जनवरी 7 -- नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता नवादा की जीवनदायिनी नदियों पर गहराता संकट, पर्यावरण और जनस्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी है। नवादा जिले में जल, जीवन और हरियाली का आधार रही नदियां आज अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं। खुरी, सकरी, धनार्जय, तिलैया और ढाढर जैसी प्रमुख पांच नदियों का दम घुटने लगा है। कभी कल-कल बहती इन धाराओं का सूखना और प्रदूषित होना केवल एक भौगोलिक परिवर्तन नहीं है, बल्कि इसने जिले की जैव विविधता, कृषि और मानव स्वास्थ्य पर एक ऐसा संकट खड़ा कर दिया है, जिसके परिणाम भविष्य में और भी भयावह हो सकते हैं। नवादा में नदियों का सूखना केवल पानी का कम होना नहीं, बल्कि एक समृद्ध संस्कृति और स्वस्थ भविष्य का मिटना है। अगर जल्द ही जल संचयन, वृक्षारोपण और बालू खनन पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई, तो आने वाली पीढ़ियों को केवल रेत क...