बिहारशरीफ, जनवरी 6 -- आएं अपनी नदी बचाएं: नदियों पर संकट से घुट रहा जीवन, लुप्त हो गईं कई देसी मछलियां पानी का अविरल बहाव थमने से नदियों के किनारों की हरियाली हो रही खत्म, बढ़ रहा तापमान जलीय जंतुओं का अस्तित्व दांव पर, पोठिया, गरई और चेंगा जैसी देसी प्रजातियां अब इतिहास जैव विविधता पर गहरी चोट, खाद्य शृंखला बिगड़ने से इंसानों पर भी मंडरा रहा बड़ा खतरा फोटो सूखी नदी: पानी के अभाव में वीरान पड़ा पंचाने नदी का पाट। बिहारशरीफ, कार्यालय प्रतिनिधि। नदियां सिर्फ पानी की धारा नहीं, बल्कि किसी भी क्षेत्र की जीवनरेखा होती हैं। लेकिन, आज नदियों पर गहराया संकट जैव विविधता, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी है। अतिक्रमण व गाद की वजह से नदियों का सीना (पाट) सिकुड़ रहा है। पानी का अविरल बहाव थम गया है। इसका सीधा असर जलीय जीव-जंतुओं पर पड़ा है। ...