मोतिहारी, जनवरी 8 -- मोतिहारी, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में कलकल बहने वाली नदियों में जल प्रवाह पर ग्रहण लगने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को नुकसान हुआ है। नदियां कभी मछुआरों के लिए आजीविका का साधन थी। आज नदियों की हालत यहां तक पहुंच गई कि कहीं भी जल का प्रवाह ना मात्र का रह गया है। कहीं जल की धार के प्रवाह का क्रम टूट चुका है। कहीं कहीं नदी में थोड़ा बहुत पानी भी है तो जल प्रवाह नहीं होने से वह गंदा हो चुका है। कहीं कहीं नदी में पानी के बिना सूखा पड़ा है। इस स्थिति में न तो मछुआरों की नाव चल सकती है और ने नदियों में मछलियां ही बची है। पानी सूखने से छीन गया मछली पकड़ने का धंधा : मछली,घोंघा व केकड़ा पकड़कर जिन मछुआरों का इनकी आय से घर परिवार चलता था,आज वे इस धंधे को छोड़ कर दूसरे काम में लग गए हैं। पुश्तैनी धंधे को छोड़ दूसरे रोजगार से जुड़...