दरभंगा, जनवरी 7 -- दरभंगा। जिले में नदियों की बदहाली से कृषि व पशुपालन प्रभावित दिखता है। धान व गेहूं जैसी परंपरागत फसलों की खेती मुश्किल हो गई है। पहले के दौर को याद कर बागमती व कमला नदी किनारे के किसान बेहतर करार देते हैं। बताते हैं कि 40-45 वर्ष पूर्व लबालब पानी भरने से धान फसल उत्पादन मुश्किल हुआ तो गेहूं की खेती शुरू हुई। वर्तमान में पानी की किल्लत से गेहूं की फसल चौपट हो रही है। जिससे परंपरागत खेती से कट रहे हैं। ऐसी ही स्थिति पशुपालन की बनी है। नदी किनारे के अधिकतर चारागाह, पशु स्नान घाट आदि का वजूद मिट चुका है। हालांकि ऐसे स्थलों में शहर से सटे मब्बी बैल हाट, 'चतरिया' सतिहारा, किलाघाट, गौसाघाट, जीवछघाट जैसे स्थल आज चर्चित एरिया है। वहीं तटबंधों में नदियों के कैद होने से धाराएं सिकुड़ चुकी है। इससे क्षेत्र में अंडरग्राउंड वाटर लेबल ...