वाराणसी, जुलाई 16 -- वाराणसी। महापरिवर्तन के कालखण्ड में प्रवेश कर चुके काशी के 236 वर्ष प्राचीन जगन्नाथ मंदिर से अंतिम बार प्रभु ने बुधवार को संध्या बेला में रथयात्रा के लिए प्रस्थान किया। डोली पर विराजमान होने से पहले प्राचीन गर्भगृह में अंतिम बार प्रभु को भोग अर्पित हुआ। काशी के पूर्वाम्नाय दक्षिणामूर्ति मठ की ओर से पहली बार प्रभु को फलों के साथ विशिष्ट पेय पोड़ा अर्पित किया गया। परंपरागत मार्गों से होते हुए डोली यात्रा देर शाम रथयात्रा पहुंची। वहां विधि-विधान से प्रभु जगन्नाथ के साथ बलभद्र एवं सुभद्रा के विग्रह रथ पर विराजमान कराए गए। गुरुवार की मंगला आरती के बाद प्रभु तीन दिनों तक श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे। इसी के साथ काशी में पर्व-उत्सवों की शृंखला भी शुरू हो जाएगी। यह भी पढ़ें- Jaunpur News: भगवान जगन्नाथ को अर्पित किया गया परवल क...