कोडरमा, जून 5 -- कोडरमा, वरीय संवाददाता। नगर परिषद कार्यालय में विकास कार्यों के लिए निकाले गए टेंडरों को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने के बाद उसे रद्द कर दिया गया है। आरोप लगा था कि टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती गई और पूरे मामले में टेंडर मैनेजमेंट का खेल खेला गया था। जिससे सरकारी राजस्व को करीब 10 लाख रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। विभिन्न विकास योजनाओं के लिए कुल 56 कार्यों का टेंडर निकाला गया था। प्रत्येक कार्य के लिए 5000 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना अनिवार्य था। बताया जा रहा है कि विभिन्न संवेदकों द्वारा करीब 10 लाख रुपये मूल्य के डिमांड ड्राफ्ट अलग-अलग समूहों के नाम पर जमा किए गए थे।चौंकाने यह भी पढ़ें- टेंडर विवाद के बीच बांका में 'मैनेजमेंट नेटवर्क' की चर्चा तेज, जांच पर टिकी निगाहें वाली बात यह है कि जिन समू...