धनबाद, मई 26 -- झारखंड खनिज क्षेत्र विकास प्राधिकार (झमाडा) अपने भवन में चल रहे नगर निगम से अब नियमित किराया वसूलने की तैयारी में जुटा हुआ है। स्थायी एमडी मिलने के बाद झमाडा कर्मचारी सक्रिय हो गए हैं। कितने साल से किराया नहीं मिला है, इसकी रिपोर्ट बनाने में कर्मचारी लगे हुए हैं। नगर निगम अब तक किराये को होल्डिंग टैक्स में समायोजित कर रहा था क्योंकि नगर आयुक्त ही झमाडा के प्रभारी एमडी थे। वर्ष 2021 में एमडी दिलीप कुमार के बाद से यह विभाग प्रभार में चल रहा था। नगर आयुक्त को ही झमाडा का प्रभारी एमडी बनाया जा रहा था। 2021 के पूर्व में भी यह विभाग दो साल तक प्रभार में ही चल रहा था। 2016 में विभाग के तत्कालीन एमडी अनिल पांडेय ने झमाडा की बिल्डिंग नगर निगम को किराये पर दिया था। तीन लाख 19 हजार रुपए हर महीने किराया तय किया गया था। एग्रीमेंट हुआ थ...