हरिद्वार, अप्रैल 5 -- अरुण मिश्रा हरिद्वार। नगर निगम के निर्वाचित बोर्ड को एक वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। इस दौरान बोर्ड की तीन बैठकें आयोजित हो चुकी हैं। विडंबना यह है कि अब तक एक भी बैठक निगम के अपने परिसर में नहीं हो सकी है। सभी बैठकें अन्य विभागों के भवनों में आयोजित करनी पड़ रही हैं।नगर निगम परिसर में करीब 10 करोड़ की लागत से बन रहा बहुमंजिला कार्यालय भवन अधूरा है। इस भवन का निर्माण वर्ष 2025 के आरंभ में पूरा होना था लेकिन निर्धारित समय सीमा के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। निर्माण कार्य की धीमी गति और विभागीय लापरवाही को लेकर जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है। दूसरी ओर नगर निगम का पुराना टाउन हॉल खंडहर में तब्दील हो चुका है। इस कारण वहां बैठकों का आयोजन संभव नहीं है। ऐसे में निगम के पास बैठक के लिए अपनी कोई जगह नहीं बची है। बोर्ड...