बांका, जून 4 -- पंजवारा(बांका),निज प्रतिनिधि। सरकार जहां जल संरक्षण और जलाशयों के जीर्णोद्धार पर करोड़ों रुपया खर्च कर रही है,वहीं पंजवारा पंचायत क्षेत्र के नगरी गांव स्थित नगरी तालाब प्रशासनिक अनदेखी का शिकार होकर धीरे-धीरे अपना अस्तित्व खोता जा रहा है।कभी किसानों व मछुआरों की जीवनरेखा रहा नगरी तालाब आज गंदगी,झाड़ियों और अतिक्रमण की मार झेल रहा है। यह भी पढ़ें- नदी के गड्ढों में जमा पानी से बुझ रही पशु-पक्षियों की प्यासनगरी तालाब की स्थिति अगर जनप्रतिनिधि या अधिकारी नगरी तालाब की ओर ध्यान दें तो तालाब की सूरत बदल सकती है।हालांकि, बीच-बीच में ग्रामीणों ने तालाब की सफाई के लिए प्रयास किये,लेकिन प्रशासनिक स्तर से सहयोग नहीं मिलने से ग्रामीणों में नाराजगी है।भू-जल स्तर की कमी बिहार और झारखंड की सीमा के समीप नगरी गांव में 6.5 एकड़ भूमि पर नगर...