गुमला, नवम्बर 8 -- गुमला, उस्मान । नक्सल प्रभावित इलाकों में शुमार चैनपुर प्रखंड के नतापोल गांव की बेटी औलिया कुजूर आज पूरे जिले के लिए प्रेरणा की प्रतीक बन चुकी हैं। बचपन में गरीबी और विषम परिस्थितियों में जन्मी औलिया की जिंदगी एक समय संघर्षों से भरी थी। बचपन में ही पिता का साया सिर से उठ गया और दिल्ली जाने के एक साल बाद मां का भी निधन हो गया। बावजूद इसके कठिनाइयों के बीच भी औलिया ने हार नहीं मानी। औलिया को गांव से दिल्ली एक दंपत्ति सुमन प्रकाश एक्का और जीविता एक्का अपने साथ बच्चे की देखभाल के लिए ले गए थे, लेकिन उसकी लगन, समझदारी और मेहनत को देखकर उस दंपत्ति ने उसे पढ़ाने का फैसला लिया। दिल्ली के संगम विहार स्थित बच्चन प्रसाद सर्वोदय कन्या विद्यालय में उसका नामांकन कराया गया। जहां उसने कक्षा तृतीय से पढ़ाई शुरू की। औलिया ने तीसरी से पां...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.