प्रयागराज, अप्रैल 16 -- उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से 18 और 19 अप्रैल 2026 को अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 910 पदों पर भर्ती के लिए होने जा रही पुनर्परीक्षा को लेकर चेतावनी जारी की गई है। आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 प्रभावी है। इसके अनुसार परीक्षा में अनुचित साधनों का प्रयोग करना, नकल करना व कराने, प्रश्नपत्र का प्रतिरूपण करने या प्रकट करने या प्रकट करने का षड्यंत्र करने आदि कृत्य अपराध की श्रेणी में आते है, जो दंडनीय है। ऐसे मामलों पर एक करोड़ तक का जुर्माना और आजीवन कारावास तक की सजा या फिर दोनों ही हो सकती हैं। यह भी पढ़ें- एआई कैमरों से लैस कंट्रोल रूम से होगी निगरानी शुचिता के मद्देनजर पिछले साल 16...
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