अलीगढ़, मई 29 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। उत्तराखंड से नकली दवाएं तैयार कराने वाले मास्टरमाइंड का दवा लाइसेंस अब स्थायी रूप से निरस्त किया जाएगा। 2011 से लाइसेंस पर व्यापार नहीं होने व पांच साल बाद नवीनीकरण नहीं कराए जाने के बाद अब ड्रग्स विभाग यह कार्यवाही करेगी। वहीं जीएसटी विभाग ने भी वर्षों से बिना बिल के चल रहे दवा के धंधे की जांच में जुट गया है।

नकली दवाओं का कनेक्शन आगरा में पकड़ी गई नकली दवाओं की बड़ी खेप में अलीगढ़ के निरंजनपुरी निवासी मयंक वार्ष्णेय उर्फ किट्टू का कनेक्शन उजागर हो चुका है। ड्रग्स विभाग द्वारा दर्ज कराई गए एफआईआर के अनुसार मंयक ही उत्तराखंड की एक फैक्ट्री में तैयार होने वाली नकली दवाओं को बस के जरिए सप्लाई करता था। औषधि विभाग के अनुसार, मयंक वार्ष्णेय की फफाल स्थित फर्म का लाइसेंस वर्ष 2011 में ही निरस्त हो गया...