नई दिल्ली, जून 15 -- भारतीय रिजर्व बैंक की तरफ से प्लास्टिक नोट जारी करने को लेकर जो खबर आई है, वह पुरसुकून है। यूपीआई और डिजिटल भुगतान की क्रांति ने भारत की वित्तीय व्यवस्था को नई दिशा दी है। आज देश में प्रतिमाह अरबों डिजिटल लेन-देन हो रहे हैं, फिर भी एक बड़ा वर्ग ऐसा है, जो नकद मुद्रा पर निर्भर है। किसान, मजदूर, छोटे व्यापारी, ग्रामीण बाजार और असंगठित क्षेत्र में नकद रुपये का महत्व आज भी बरकरार है। यही कारण है कि डिजिटल भुगतान के बढ़ते प्रसार के बावजूद नकद मुद्रा की मांग बनी हुई है। ऐसे में, भारतीय मुद्रा को अधिक सुरक्षित, टिकाऊ और आधुनिक बनाने के लिए प्लास्टिक नोटों की तरफ बढ़ना सुखद है। प्लास्टिक नोट देखने और उपयोग में सामान्य नोटों जैसे ही होते हैं, लेकिन इनकी आयु कागजी नोटों की तुलना में पांच से सात गुना अधिक होती है। पानी, नमी, धूल...