नई दिल्ली, दिसम्बर 31 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। साल 2026 में राज्यसभा की रिक्त हो रही 72 सीटों के लिए होने वाले चुनाव विभिन्न दलों के प्रमुख नेताओं के भविष्य के साथ केंद्रीय राजनीति में सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस की रणनीति को भी प्रभावित करेंगे। विभिन्न राज्यों की विधानसभाओं की दलीय स्थिति को देखते हुए भाजपा और एनडीए और मजबूत होगा, वहीं कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की दिक्कतें बढ़ेंगी। हालांकि राज्यसभा के अंकगणित में बहुत ज्यादा बदलाव तो नहीं आएगा, लेकिन एनडीए अपने बहुमत को और मजबूत करेगा। भाजपा की संख्या भी बढ़ जाएगी। इससे संसद के दोनों सादनों में विधायी कामकाज के लिए सरकर की सहूलियत और बढ़ जाएगी, वहीं विपक्ष की सरकर को घेरने की रणनीति कमजोर पड़ेगी। राज्यसभा की अधिकृत जानकारी के अनुसार, सदन में अभी भाजपा के 103 सांसद हैं और...
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