लखनऊ, अगस्त 19 -- रोडवेज के यातायात निरीक्षकों की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। क्षेत्रीय प्रबंधक ने कैसरबाग से नैमिषारण्य वाया चंद्रिका देवी के लिए रूट सर्वे का आदेश दिया था, लेकिन बुधवार को जब बस सड़क पर उतारी गई तो उसे बीस साल पुराने रूट पर दौड़ा दिया गया। इससे दूरी 92 से बढ़कर 116 किलोमीटर हो गई और यात्रियों से 160 रुपये किराया लिया गया। इस स्थिति में बुधवार को शुरू हुई सेवा को प्रयोग के तौर पर चलाने का निर्णय लेते हुए अब दोबारा सर्वे कराने की तैयारी चल रही है। मामला लखनऊ परिक्षेत्र का है। कैसरबाग से नैमिषारण्य के लिए करीब बीस साल पहले चंद्रिका देवी के रास्ते मिनी बसें चलाई जाती थीं। उस समय सड़कें चौड़ी न होने के कारण सेवाएं सीमित थीं, जो समय के साथ बंद हो गईं। हाल ही में लखनऊ परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने यात्रियों की सु...