शामली, जनवरी 10 -- शामली। केंद्र सरकार द्वारा दिसंबर 2025 में प्रस्तुत किए गए नए ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम-2025 को लेकर ग्रामीण विकास के क्षेत्र में बड़े बदलाव को लेकर नगर पालिका परिषद में एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। जिसमें राज्यमंत्री जसवंत सैनी ने बताया कि यह अधिनियम वर्ष 2005 में लागू हुई मनरेगा व्यवस्था की जगह एक नई, अधिक पारदर्शी और तकनीक-आधारित रूपरेखा लाने का प्रस्ताव करता है। उन्होने बताया गया कि अब तक मनरेगा में कमजोर निगरानी, मैनुअल मस्टर रोल, फर्जी जॉब कार्ड, अपूर्ण कार्यों और सीमित डिजिटल निगरानी के कारण बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आती रही हैं, जिससे असली मजदूरों को पूरा लाभ नहीं मिल पाया और सार्वजनिक धन का दुरुपयोग हुआ। नए अधिनियम का उद्देश्य इन्हीं कमियों को दूर करना है। नए कानून के तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने...