सोनभद्र, जुलाई 15 -- अनपरा,संवाददाता। प्रस्तावित नई राष्ट्रीय विद्युत नीति के प्रस्तावित प्रावधानों का ऑल इंडिया पॉवर इंजीनियर्स फेडरेशन कड़ा विरोध करेगा। फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने बुधवार को आरोप लगाया कि डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम ऑपरेटर (डीएसओ) की अवधारणा एकाधिक वितरण लाइसेंसधारियों को बढ़ावा देने तथा वितरण क्षेत्र के निजीकरण का मार्ग प्रशस्त करने के उद्देश्य से लाई जा रही है। शैलेन्द्र दुबे ने केंद्र सरकार से मांग की कि राष्ट्रीय विद्युत नीति के मसौदे से इन सभी जनविरोधी प्रावधान तत्काल वापस लिए जाएं। इसके स्थान पर सार्वजनिक क्षेत्र की विद्युत वितरण कंपनियों को सुदृढ़ बनाने, तकनीकी एवं वाणिज्यिक हानियों को निवेश के माध्यम से कम करने, परिचालन दक्षता बढ़ाने तथा सभी उपभोक्ताओं को सस्ती, विश्वसनीय एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने ...