साहिबगंज, जनवरी 11 -- साहिबगंज। साहिबगंज समेत संथाल परगना के विभिन्न जिलों में इस समय सोहराय की धूम मची है। क्षेत्र के विभिन्न कॉलेजों, संस्थानों और सामाजिक संगठनों की ओर से शहरों में आयोजित होने वाले सोहराय मिलन समारोहों में भारी भीड़ उमड़ रही है। इन समारोहों में कॉलेजों के छात्र-छात्राएं और शहरों में रहने वाले आदिवासी समुदाय के लोग शामिल होते हैं। हालांकि सोहराय की सामुदायिक परंपरा का उत्सव गांवों में ही मनाया जाता है। संथाल परगना के गांवों में सोहराय पर्व फरवरी महीने के अंत तक मनाया जाता है। यहां मकर संक्रांति के बाद गांवों में सोहराय मनाया जाता है। इसके पीछे मान्यता है कि ज्यादातर लोग खुद ही धान की फसल बोते व काटते हैं। जब सभी लोग धान समेट कर नया चावल तैयार कर लेते हैं इसके बाद ही गांव में सोहराय पर्व की तैयारी शुरू होती है। नए चावल का ...