शिमला, जुलाई 4 -- क्या कोई सरकारी कर्मचारी नई चयन प्रक्रिया के जरिए दोबारा नौकरी पाने के बाद अपनी पुरानी एडहॉक सेवा को पेंशन और वेतन वृद्धि में जोड़ सकता है? हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने इस सवाल का स्पष्ट जवाब 'नहीं' में दिया है। अदालत ने कहा है कि यदि नियुक्ति पूरी तरह नई चयन प्रक्रिया के तहत फ्रेश आधार पर हुई है, तो पहले की तदर्थ सेवा का लाभ नहीं मिलेगा। इस अहम फैसले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिस कर्मचारी की शुरुआती तदर्थ (एडहॉक) सेवा कभी नियमित नहीं हुई और बाद में उसे अलग चयन प्रक्रिया के जरिए नई नियुक्ति मिली, वह पुरानी सेवा अवधि को पेंशन, वेतन वृद्धि या अन्य सेवा लाभों के लिए नहीं जोड़ सकता। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने यह फैसला देश राज की ओर से दायर अपील को खारिज करते हुए...