लखनऊ, जनवरी 22 -- केंद्र सरकार द्वारा 20 जनवरी को जारी की गई नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देने वाली और उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश के उपभोक्ताओं, किसानों तथा बिजली कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है। यह बताते हुए विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने इस नीति के विरोध का ऐलान किया है। संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा है कि सारे देश के ऊर्जा मंत्रियों के 22, 23 जनवरी को हो रहे चिंतन शिविर में इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025, नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 और उत्तर प्रदेश में चल रहे बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया से किसानों, गरीब उपभोक्ताओं और कर्मचारियों को होने वाले नुकसान पर भी चर्चा होनी चाहिए। समिति ने कहा कि नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 में निजी कंपनियों को राज्य के डिस्कॉम द्वार...