नई दिल्ली, मई 26 -- अरविंद गुप्ता, पूर्व राजनयिक एवं डायरेक्टर, वीआईएफ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो चार दिनों के भारत प्रवास के बाद मंगलवार को वापस अपने वतन लौट गए। 'ट्रंप 2.0' के सत्तासीन होने के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री का यह पहला भारत दौरा था। उनकी कोशिश यही रही कि द्विपक्षीय रिश्तों में आई खटास दूर की जाए। रूबियो ने भारत को आश्वस्त किया कि नई दिल्ली अमेरिका की 'रणनीतिक साझेदार' है। जवाब में भारत ने स्वाभाविक ही 'स्ट्रैटेजिक कन्जर्वेंस' की बात की। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने स्पष्ट कर दिया कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को तवज्जो देता है और तमाम देशों से संबंध बनाना उसके लिए महत्वपूर्ण है। यह स्पष्टता जरूरी थी, क्योंकि बीते कुछ घटनाक्रम बता रहे थे कि अमेरिका भारतीय हितों पर जरूरी ध्यान नहीं दे रहा। शुरुआत टैरिफ से हुई थी। ट्रंप प्रशा...