बिजनौर, मार्च 3 -- नहटौर। होलिका दहन के लिए कई गांव में पुरानी परंपरा को जीवंत रखने के लिए लकड़ी और बॉस को आपस में रगड़कर आग निकाली गई और उसी आग से होलिका दहन हुआ। सतपुरुष बाबा फुलसंदे वालों के आश्रम में वर्षो पुरानी परंपरा के अनुसार होली का दहन से पूर्व आग निकालने की प्रक्रिया हर वर्ष होती है। इसी के अंतर्गत रात्रि में ढोल नगाड़ों के साथ पहले होली की आग निकाली गई और इसी आग से होलिका दहन हुआ।

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