कोलकाता, मार्च 30 -- पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का संग्राम तेज हो गया है। 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में वोटिंग होनी है। इस बीच सभी की नजर जिन सीटों पर है, उनमें से एक नंदीग्राम भी है। इसी सीट से ममता बनर्जी 2021 में चुनाव लड़ी थीं और कभी अपने करीबी रहे शुभेंदु अधिकारी से हार गई थीं, जो भाजपा से उतरे थे। इस बार टीएमसी ने उनके खिलाफ उसी रणनीति को चुना है, जो उन्होंने ममता बनर्जी के खिलाफ अपनाई थी। तब ममता को शुभेंदु ने टक्कर दी थी, जो कभी उनके करीबी रहे थे। इस बार टीएमसी ने पबित्रा कर को उतार दिया है, जो खुद कभी शुभेंदु अधिकारी के करीबी थे। यही नहीं 2021 के चुनाव में भी उनकी भूमिका अहम थी। नंदीग्राम में जीत के बाद शुभेंदु अधिकारी ने खुद को धरती पुत्र के तौर पर प्रचारित किया है। यह सीट इसलिए भी खास रही है क्योंकि यहीं से छेड़े गए आंदोलन क...