नई दिल्ली, अप्रैल 6 -- सुप्रीम कोर्ट ने महान कलाकार नंदलाल बोस के 88 वर्षीय पोते को पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभ्यास के दौरान मतदाता सूची से उनका नाम हटाए जाने के मामले में अपीलीय न्यायाधिकरण का रुख करने का सोमवार को निर्देश दिया। नंदलाल बोस आधुनिक भारतीय कला के अग्रदूत थे। उन्हें संविधान की मूल पांडुलिपि का चित्रण करने और प्रतिष्ठित हरिपुरा पोस्टर बनाने के लिए जाना जाता है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल पंचोली की पीठ ने नंदलाल बोस के पोते की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता जयदीप गुप्ता ने पीठ के समक्ष अपने मुवक्किल की व्यथा बयां की और उन्हें मतदान के मौलिक अधिकार से वंचित किए जाने पर चिंता जताई। पीठ ने याचिकाकर्ता को फैसले को अपीलीय...