सिद्धार्थ, जून 29 -- बांसी। क्षेत्र का चरथरी गांव जो 44 पोखरों, दो मंदिरों, प्रादेशिक रामलीला और पारंपरिक होली के लिए प्रसिद्ध है। आज यहां गाव बदहाल विद्युत व्यवस्था और सरकारी उपेक्षा का शिकार बना है। लगभग दो हजार की आबादी वाले गांव में करोड़ों रुपये के विकास के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। गांव के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बिजली व्यवस्था ध्वस्त होने से ग्रामीण ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है। ग्रामीण हरिकेश त्रिपाठी, रामनयन त्रिपाठी, वशिष्ठ त्रिपाठी, रामचंद्र त्रिपाठी आदि ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से गांव में बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। यह भी पढ़ें- भीषण गर्मी में अघोषित विद्युत कटौती से परेशानी दिनभर शटडाउन, शाम को रोस्टिंग और रात में अघोषित कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। आरोप लगाया कि शिकायत करने...