लखनऊ, मई 21 -- हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राजधानी में ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए किए जा रहे उपायों के संबंध में जवाब मांगा है। न्यायालय ने कहा है कि जुलाई के दूसरे सप्ताह तक नए शपथ पत्र दाखिल कर इस संबंध में स्पष्ट जानकारी दें। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मनीष कुमार की खंडपीठ ने यह आदेश 'मोडिफाइड साइलेंसरों से ध्वनि प्रदूषण' शीर्षक से वर्ष 2021 में दर्ज स्वतः संज्ञान जनहित याचिका पर पारित किया है। न्यायालय ने ऐसे उपकरणों से ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए सभी संबंधित विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों को मिलाकर एक कमेटी बनाने का आदेश दिया था। शहर में 80 डेसिबल से ज्यादा 39 प्रकार के शोर, पटाखा साइलेंसरों से दहल रहा शहर

ध्वनि प्रदूषण की स्थिति लखनऊ। हाईकोर्ट की ओर से मॉडिफाइड साइलेंसरों पर सरकार से जवाब तलब किए जाने के बीच राजधानी क...