गंगापार, नवम्बर 9 -- करछना के अरई पाण्डेय का पूरा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथावाचक आचार्य शिवशंकर ने ध्रुव और प्रह्लाद के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बालक ध्रुव ने तिरस्कार के बाद भी अटल तपस्या कर ईश्वर की कृपा से राजसिंहासन से बड़ा पद पाया, जबकि भक्त प्रह्लाद ने कठिन यातनाओं के बावजूद भक्ति नहीं छोड़ी। दोनों ने यह सिद्ध किया कि सच्चे श्रद्धा और भक्ति से ईश्वर की प्राप्ति संभव है। कार्यक्रम में मुख्य यजमान विद्याकांत शुक्ल, श्रीमती उर्मिला शुक्ला, आयोजक डॉ. हिमांशु शुक्ला, अम्बुज शुक्ला आदि रहे।
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