ध्रुव चरित से मिलती है अटल भक्ति और संघर्ष की प्रेरणा
कन्नौज, मई 24 -- छिबरामऊ। श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन आचार्य पंडित हरिशंकर शुक्ल ने ध्रुव चरित्र का मार्मिक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि ईश्वर के प्रति अटूट विश्वास, दृढ़ संकल्प और सच्ची भक्ति मनुष्य को अमर बना देती है। उन्होंने कहा कि ध्रुव चरित्र केवल धार्मिक कथा नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला प्रेरणादायक संदेश है। कथा के माध्यम से उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों, अपमान और असफलताओं से घबराने के बजाय धैर्य और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। ईश्वर की भक्ति मनुष्य के भीतर आत्मबल, धैर्य और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है। उन्होंने युवा पीढ़ी को ध्रुव चरित्र से प्रेरणा लेने का संदेश देते हुए कहा कि माता-पिता के संस्कार, गुरु का मार्गदर्शन और दृढ़ निश्चय व्यक्ति को ऊंचाइयों तक पहुंचाते हैं। कथा में हरिओम बीना त्रिपाठी, इंदिरा द...
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