इटावा औरैया, मई 6 -- भरथना। क्षेत्र के सालिमपुर गांव स्थित बाबा जाहरवीर मंदिर परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान बुधवार को कथा वाचक आचार्य जुगेंद्र शास्त्री एवं नीलम शास्त्री ने भक्तिभाव से ध्रुव चरित्र का विस्तार से वर्णन किया। आचार्य ने ध्रुव चरित्र का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि राजा उत्तानपाद के पुत्र ध्रुव को उनकी सौतेली माता सुरुचि ने गोद में बैठने से रोक दिया। इस अपमान से आहत बालक ध्रुव ने अपनी माता सुनीति के मार्गदर्शन में भगवान की आराधना करने का संकल्प लिया और वन की ओर निकल पड़े। यह भी पढ़ें- श्रीमद्भागवत में सुनाई सृष्टि के विस्तार की कथा, खूब जुटे श्रद्धालुध्रुव की तपस्या वन में ध्रुव ने कठोर तपस्या शुरू की। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान विष्णु ने उन्हें दर्शन दिए और वरदान मांगा। ध्रुव ने केवल भगवान की भक्ति और अटल ...