कन्नौज, जनवरी 13 -- तालग्राम, संवाददाता। क्षेत्र के बिरौली गांव में मंगलवार को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम दिन ध्रुव चरित्र का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया गया। कथा वाचक विजय चंचल शास्त्री ने ध्रुव के जीवन प्रसंग का विस्तार से वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति, तपस्या और अडिग विश्वास का संदेश दिया। कथा के दौरान शास्त्री ने बताया कि अल्पायु में ही माता सुनिति के संस्कार और नारद मुनि के मार्गदर्शन में ध्रुव ने घोर तप कर भगवान विष्णु को प्रसन्न किया। कठोर तपस्या के बल पर ध्रुव को वह दिव्य स्थान प्राप्त हुआ, जो आज भी ध्रुव तारे के रूप में अटल और अमर है। उन्होंने कहा कि ध्रुव का चरित्र यह सिखाता है कि सच्ची लगन, संयम और भक्ति से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं। कथा वाचन के दौरान जैसे ही ध्रुव की तपस्या और भगवान विष्णु के दर्शन का प्रसंग आया, ...