वाराणसी, अप्रैल 5 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। संकटमोचन संगीत समारोह के 103वें संस्करण में ध्रुपद को शामिल नहीं किए जाने से ख्यात ध्रुपद गायक पं.उमाकांत गुंदेचा बहुत निराश हैं। वह यह नहीं समझ पा रहे हैं कि वर्ष 2024 में समारोह के मंच पर सार्वजनिक रूप से किया हुआ वादा क्यों तोड़ दिया गया। दो दिन पहले ध्रुपदम् कला केंद्र, रायपुर के फेसबुक पेज पर पोस्ट कर इस प्रकरण पर दुख जाहिर किया गया। पोस्ट में लिखा गया है 'संकटमोचन संगीत समारोह में एक भी ध्रुपद गायन की प्रस्तुति का न होना, ध्रुपद विधा के लिए बहुत ही दयनीय है। महंतजी स्वयं पखावज परंपरा से हैं, आप ही ध्रुपद की गरिमा ना समझेंगे तो कैसे चलेगा। आपने स्वयं कहा था कि ध्रुपद की प्रस्तुति होगी। फिर ऐसा क्यों?' अगले ही दिन एक और पोस्ट ध्रुवपदम् कला केंद्र के फेसबुक पेज पर किया गया। इसमें लिखा गया ...