लखनऊ, फरवरी 28 -- फोटो लखनऊ, कार्यालय संवाददाता भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित चार दिवसीय ध्रुपद कार्यशाला का समापन शनिवार को हुआ। कार्यशाला में विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा संगीत प्रेमियों को ध्रुपद गायन की पारम्परिक साधना, उसके सैद्धान्तिक आधार और व्यावहारिक प्रस्तुति से गहराई से परिचित होने का अवसर मिला। कार्यशाला में प्रो मधु भट्ट तैलंग ने शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को ध्रुपद गायन की परम्परागत शैली, स्वर-साधना, आलाप की संरचना, ताल-व्यवस्था तथा रियाज़ की अनुशासित पद्धति के विविध आयामों का सप्रयोग प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं समर्पण के साथ भाग लेते हुए ध्रुपद की पारम्परिक प्रस्तुति शैली का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो मांडवी सिंह ने कहा ...